भारतीय नारी के स्वाभिमान, पति परायणता एवं सहनशीलता जैसे गुणों का दिग्दर्शन है शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का बहुचर्चित उपन्यास ‘परिणीता’ जिस में ललिता के रूप में उन किशोरियों की वेदना को सहज अभिव्यक्ति मिली है, जो लड़कपन में ही किसी ...
"সুদূর প্রবাসে কেরানিগিরি করতাম, ঘটনাচক্রে বছর-দশেক হলো এই ব্যবসায়ে লিপ্ত হয়ে পড়েছি। খান-কয়েক বই লিখেছি, কারও ভাল লেগেছে, অনেকেরই লাগেনি, -পণ্ডিত যাঁরা, তাঁরা ভারী ভারী কেতাব থেকে শক্ত শক্ত অকাট্য নজির তুলে সপ্রমাণ করেছেন ...